*1962 की उपलब्धता राज्य के अनुसार अलग-अलग है — देख लें कि आपके क्षेत्र में यह चालू है या नहीं। नंबर बदल सकते हैं; हमेशा स्थानीय स्तर पर पुष्टि कर लें।
अपनी स्थिति चुनें
आपको किस चीज़ में मदद चाहिए ?
तत्काल पालतू जानवर का रेस्क्यू कोई जानवर फँस गया है, कैद है या ख़तरे में है और उसे बचाने की ज़रूरत है।
क्या करें
सबसे पहले अपनी सुरक्षा का ध्यान रखें — ख़ुद को या दूसरों को जोखिम में न डालें (ट्रैफ़िक, पानी, ऊँचाई, आक्रामक जानवर)। दूसरे लोगों और पालतू जानवरों को दूर रखें, और शांत व चुप रहें ताकि जानवर और न डरे। सही जगह नोट करें (नज़दीकी पहचान-स्थल, इलाका, मैप पिन) और अगर सुरक्षित हो तो एक छोटी फ़ोटो या वीडियो ले लें। किसी स्थानीय रेस्क्यू ग्रुप या शेल्टर को कॉल करें। अगर लोगों या ट्रैफ़िक को ख़तरा हो, तो 112 पर कॉल करें। मदद आने तक आसपास रहें, और डरे हुए या घायल जानवर को तब तक न उठाएँ या हिलाएँ जब तक बिल्कुल ज़रूरी न हो।
कृपया ये न करें डरे हुए जानवर को कोने में न घेरें और न पकड़ें — वह काट या खरोंच सकता है। पशु-चिकित्सक के देखने से पहले उसे खाना या पानी न दें।
किससे संपर्क करें
रेस्क्यू ग्रुप अक्सर स्वयंसेवकों द्वारा चलाए जाते हैं और उन पर काम का बोझ ज़्यादा रहता है — सही लोकेशन और साफ़ फ़ोटो से वे जल्दी पहुँच पाते हैं।
तत्काल घायल जानवर आपको कोई जानवर मिला है जो घायल है, जिसका ख़ून बह रहा है या जो हिल नहीं पा रहा।
क्या करें
बगल से धीरे-धीरे पास जाएँ। दर्द में घायल जानवर काट सकता है — भले ही वह सीधा-सादा हो। सबसे पहले नज़दीकी 24/7 पशु-चिकित्सक को कॉल करें और जो दिख रहा है वह बताएँ, ताकि वे तैयारी कर सकें और सलाह दे सकें। अगर उसे हिलाना ही पड़े, तो नीचे तौलिया, कंबल या तख़्ता खिसकाएँ और पूरे शरीर को सहारा दें। उसे गर्म और शांत रखें, हो सके तो डिब्बे या कैरियर में; ज़्यादा ख़ून बहने पर साफ़ कपड़ा दबाकर रखें। उसे तुरंत पशु-चिकित्सक के पास ले जाएँ — यह देखने के लिए इंतज़ार न करें कि हालत सुधरती है या नहीं।
कृपया ये न करें खाना, पानी या इंसानों की दवाइयाँ न दें। गहरे घावों पर पानी या एंटीसेप्टिक न डालें।
किससे संपर्क करें
अगर आप जानवर को ख़ुद नहीं ले जा सकते, तो पशु-चिकित्सक या स्थानीय रेस्क्यू ग्रुप से पूछें कि क्या वे एम्बुलेंस या कोई स्वयंसेवक भेज सकते हैं।
आक्रामक / आवारा जानवर कोई कुत्ता या दूसरा जानवर आक्रामक व्यवहार कर रहा है, या कोई आवारा जानवर लोगों को धमका रहा है।
क्या करें
शांत रहें। एक जगह खड़े रहें, हाथ बगल में रखें और सीधे आँखों में न देखें। धीरे-धीरे पीछे हटें — भागें नहीं, चिल्लाएँ नहीं और अचानक पीठ न फेरें। हो सके तो अपने और जानवर के बीच कोई चीज़ रख लें (बैग, गेट, गाड़ी)। बच्चों और दूसरे पालतू जानवरों को दूर रखें, और जगह की जानकारी नगर निगम की पशु-नियंत्रण टीम को दें। अगर किसी को काट लिया या खरोंच दिया हो: घाव को साबुन और बहते पानी से कम से कम 15 मिनट तक धोएँ और तुरंत डॉक्टर या अस्पताल जाएँ — रेबीज़ का इलाज जल्दी शुरू होना चाहिए।
कृपया ये न करें पत्थर न फेंकें और जानवर को भगाने की कोशिश न करें। काटने को नज़रअंदाज़ न करें, भले ही वह छोटा हो।
किससे संपर्क करें
ज़्यादातर गली के कुत्ते आक्रामक नहीं होते। डर, भूख, चोट या अपने पिल्लों की रक्षा आम वजहें होती हैं — लंबे समय का हल नसबंदी, टीकाकरण और भोजन कार्यक्रम हैं।
खोया हुआ पालतू आपका पालतू खो गया है। जल्दी कदम उठाएँ — शुरुआती घंटे सबसे अहम होते हैं।
क्या करें
आसपास के इलाके में शांति से खोजें और अपने पालतू का नाम पुकारें; गाड़ियों के नीचे, नालियों, सीढ़ियों और पड़ोसियों के बगीचों में देखें। कोई जानी-पहचानी चीज़ (बिस्तर, पहना हुआ कपड़ा, खाना) घर के बाहर रखें — पालतू अक्सर गंध के सहारे लौट आते हैं। नज़दीकी पशु-चिकित्सकों, शेल्टर और रेस्क्यू ग्रुप को कॉल करें और उन्हें साफ़ फ़ोटो व अपना नंबर दें। साफ़ फ़ोटो, हुलिया, आख़िरी बार दिखने की जगह और संपर्क नंबर स्थानीय मोहल्ले और पेट ग्रुप में डालें, और पोस्टर लगाएँ। अपना फ़ोन चालू रखें, लगातार खोजते रहें, और अपनी बिल्डिंग या सोसाइटी के गार्ड को बताएँ। अगर आपके पालतू में माइक्रोचिप लगी है, तो चिप कंपनी को सूचित करें।
कृपया ये न करें डरे हुए पालतू का पीछा न करें — वह और दूर भाग सकता है।
किससे संपर्क करें
पालतू मिल जाने पर पोस्टर हटाना न भूलें और मदद करने वालों का शुक्रिया अदा करें।
पालतू मिला आपको एक ऐसा पालतू मिला है जिसका कोई मालिक लगता है।
क्या करें
कॉलर, टैग या पहचान-पत्र देखें। धीरे से पास जाएँ — खोया हुआ पालतू डरा हुआ हो सकता है। उसे सुरक्षित और अपने पालतू जानवरों से अलग रखें, पानी और शांत जगह के साथ। माइक्रोचिप स्कैन कराने के लिए उसे नज़दीकी पशु-चिकित्सक या शेल्टर ले जाएँ — यह अक्सर मुफ़्त और जल्दी हो जाता है। साफ़ फ़ोटो लें और स्थानीय ग्रुप में डालें। एक पहचान वाली बात अपने पास रखें ताकि असली मालिक की पुष्टि कर सकें। नज़दीकी शेल्टर और रेस्क्यू ग्रुप को बताएँ, और अपने इलाके की “खोए पालतू” वाली पोस्ट देखें।
कृपया ये न करें पालतू को जल्दबाज़ी में या पहले माँगने वाले को न सौंपें — उनसे मालिकाना हक़ का सबूत माँगें।
किससे संपर्क करें
अगर आप कुछ दिन पालतू को अपने पास नहीं रख सकते, तो स्थानीय शेल्टर या फ़ॉस्टर स्वयंसेवक मदद कर सकते हैं।
तत्काल जानवर की आपात स्थिति साँस लेने में तकलीफ़, दौरे, ज़्यादा ख़ून बहना, ज़हर, लू लगना या बेहोश होकर गिर जाना।
क्या करें
तुरंत नज़दीकी 24/7 पशु-चिकित्सक के पास जाएँ — और पहले कॉल कर दें ताकि वे तैयार रहें। ज़हर: उसका पैकेट या पौधा साथ ले जाएँ। पशु-चिकित्सक के कहे बिना जानवर को उल्टी न कराएँ। लू लगना: छाया में ले जाएँ, ठंडे (बर्फ़ जैसे नहीं) पानी के छोटे घूँट पिलाएँ और रास्ते में गीले कपड़ों से शरीर को ठंडा करें। दौरा: आसपास की जगह खाली रखें, मुँह के पास हाथ न ले जाएँ, और नोट करें कि दौरा कितनी देर चला। ज़्यादा ख़ून बहना: घाव पर साफ़ कपड़ा कसकर दबाएँ और पशु-चिकित्सक के पास जाते समय भी दबाए रखें।
कृपया ये न करें यह देखने के लिए इंतज़ार न करें कि हालत अपने-आप ठीक होती है या नहीं — आपात स्थितियाँ तेज़ी से बिगड़ती हैं। इंसानों की दर्द-निवारक दवाइयाँ न दें।
किससे संपर्क करें
आज ही किसी 24/7 पशु-चिकित्सक का नंबर अपने फ़ोन में सेव कर लें — आपात स्थिति में खोजने का समय नहीं मिलेगा।
गोद लेने में मदद आप कोई पालतू गोद लेना चाहते हैं, या ज़िम्मेदारी से किसी को नया घर दिलाना चाहते हैं।
क्या करें
अच्छी तरह सोच-विचार करें: पालतू रखना 10–15 साल की ज़िम्मेदारी है — समय, पैसे और जगह की, और घर के हर सदस्य के लिए। जाँचे-परखे शेल्टर और रेस्क्यू ग्रुप से ही गोद लें; जानवर से एक से ज़्यादा बार मिलें और उसकी सेहत और स्वभाव के बारे में पूछें। टीकाकरण, कृमि-नाशक दवा और नसबंदी के बारे में पूछें — और पहले हफ़्ते में पशु-चिकित्सक के पास जाने की योजना बनाएँ। घर तैयार करें: सुरक्षित जगह, खाना, पानी, आईडी टैग, और यात्रा व छुट्टियों के लिए एक योजना। किसी पालतू को नया घर दिलाना है? पहले किसी शेल्टर या रेस्क्यू ग्रुप से संपर्क करें — जानवर को सड़क पर न छोड़ें।
कृपया ये न करें जानवर को जोश में आकर या उपहार के तौर पर न ख़रीदें।
किससे संपर्क करें
भारतीय देसी कुत्ते और बिल्लियाँ मज़बूत, हर माहौल में ढल जाने वाले और सेहतमंद साथी होते हैं — एक बेहतरीन विकल्प।
तत्काल जानवरों के साथ क्रूरता / दुर्व्यवहार आपने किसी जानवर को पिटते, भूखा रखे जाते, ज़ंजीर में बाँधे जाते या किसी और तरह से सताए जाते देखा है।
क्या करें
आपकी सुरक्षा सबसे पहले है — उस व्यक्ति से भिड़ें नहीं। सुरक्षित दूरी से जो हो सके रिकॉर्ड करें। तारीख़, समय, सही जगह और हो सके तो शामिल लोगों या गाड़ी का ब्योरा नोट करें। फ़ोटो या वीडियो लें। 112 पर कॉल करें या नज़दीकी थाने जाकर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत शिकायत दर्ज कराने को कहें। किसी स्थानीय पशु-कल्याण संगठन से संपर्क करें — वे शिकायत, सबूत और जानवर की देखभाल में मदद कर सकते हैं। अगर जानवर घायल है, तो उसे पशु-चिकित्सक के पास ले जाएँ और चोटों को लिखित में दर्ज करने को कहें। अपनी शिकायत का फ़ॉलो-अप करते रहें और जो भी जमा करें उसकी एक कॉपी अपने पास रखें।
कृपया ये न करें दुर्व्यवहार करने वाले की निजी जानकारी ऑनलाइन न डालें — सबूत पुलिस को सौंपें।
किससे संपर्क करें
शिकायत तथ्यों पर आधारित रखें: क्या हुआ, कब, कहाँ, किसने देखा। साफ़ सबूत होने से कार्रवाई की संभावना काफ़ी बढ़ जाती है।
पशु-चिकित्सा सहायता अच्छा पशु-चिकित्सक खोजना, नियमित देखभाल की योजना बनाना या सलाह लेना।
क्या करें
घर के पास का पशु-चिकित्सक चुनें ताकि जल्दी पहुँच सकें — और उनके खुलने का समय नोट कर लें। किसी 24/7 आपातकालीन पशु-चिकित्सक का नंबर अपने फ़ोन में सेव करें। अपने पालतू का टीकाकरण कार्ड और मेडिकल हिस्ट्री हाथ के पास रखें और हर बार साथ ले जाएँ। किसी भी प्रक्रिया से पहले लिखित इलाज की योजना और ख़र्च का अनुमान माँगें। नियमित जाँच करवाते रहें: टीकाकरण, कृमि-नाशक दवा और सालाना चेक-अप से ज़्यादातर समस्याएँ छोटी ही रहती हैं।
कृपया ये न करें किसी भी गंभीर बीमारी में अपने पालतू का इलाज इंसानों की दवाइयों या घरेलू नुस्ख़ों से न करें।
किससे संपर्क करें
सरकारी पशु अस्पताल और औषधालय अक्सर कम ख़र्च में इलाज और टीकाकरण देते हैं — अपने नगर निगम से पूछें।
अब भी समझ नहीं आ रहा कि क्या करें? हमारे कैंपेन डेस्क को मैसेज करें — हम आपको रास्ता बताएँगे और जहाँ संभव होगा स्थानीय स्वयंसेवकों से जोड़ेंगे। हम कोई आपातकालीन सेवा नहीं हैं।
यह पेज सिर्फ़ सामान्य मार्गदर्शन देता है। यह पशु-चिकित्सा, चिकित्सकीय या कानूनी सलाह नहीं है। आपात स्थिति में तुरंत पशु-चिकित्सक, डॉक्टर या अधिकारियों से संपर्क करें।